ज़िंदगी की एक अनोखी घटना

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प्रेषक : सिमरन

हाय फ्रेंड्स मेरा नाम सिमरन है ओर मेरी उम्र 24 साल है मैं एक हाउस वाइफ हूँ रंग मिल्की वाइट पतला शरीर लेकिन बहुत ही अच्छा फिगर है पतली कमर और बड़े बड़े बूब्स 36-26-34  मेरी फिगर है हाइट 5”5 शॉर्ट हेयर लगभग काफ़ी सेक्सी लगती हूँ ऐसा मुझे काफ़ी लोग बोलते हैं यह तो हो गई मेरी बात अब मेरे पति के बारे मैं बताती हूँ उनका नाम विनोद है काफ़ी सुन्दर हैं हम दोनो एक दूसरे को बहुत प्यार करते हैं वो मेरी हर खुशी का ध्यान रखते हैं ओर मैं भी इसीलिये 2 साल बाद भी सब कुछ नया लगता है.

मैं बहुत शर्मीली हूँ ओर इसीलिये मैने अपनी लाइफ का पहला सेक्स सुहागरात को ही किया था हमारी सेक्स लाइफ बहुत ही अच्छी है मेरे पति सेक्स पर बहुत खुल कर बोलते हैं ओर हर बार कुछ नया करने की सोचते हैं हम रोज़ तकरीबन 3 या उससे ज़्यादा टाइम सेक्स करते हैं घर मैं मैं ओर मेरे पति ही रहते है इसलिये जब भी उन्हे मोका मिलता है वो मुझ पर टूट पड़ते हैं मैं उनसे बहुत खुश हूँ मैने कभी किसी ओर के बारे मैं कभी नही सोचा लेकिन वो सेक्स मैं नयापन लाने के लिये ड्यूरिंग सेक्स अपनी पुरानी गर्लफ्रेंड का नाम ले लेकर मुझे चोदते हैं मुझे कोई एतराज नही क्योकी मुझे पता है वो मुझसे प्यार करते हैं इंटरनेट पर भी वो मुझे वेबकेम पर आने को बोलते हैं लेकिन मैं नही मानती लेकिन उनके कहने पर मैने नेट पर काफ़ी लोगो का लंड देखा है.

मेरा उनमे कोई इंटरेस्ट नही होता सिर्फ़ मेरे पति की खुशी के लिये इसका भी मुझे उन्ही से पता चला है और काफ़ी स्टोरी एक साथ पढ़ी है वाइफ शेरिंग ग्रूप सेक्स स्वपिंग थ्री सम फॉर सम ओर वो मुझे इन सब के लिये उकसाते भी थे लेकिन मै उन्हे बोल देती की यह सब स्टोरी या मूवी मैं ठीक लगता है लेकिन रियल मैं नही मैं उन्हे बोलती की आपके अलावा मुझे ओर कोई टच नही कर सकता मैं आपके 6 इंच के लंड से संतुष्ट हूँ यह था मेरी लाइफ का एक पार्ट लेकिन इसी दोरान एक ऐसी घटना हुई जिसने सेक्स के बारे मैं मेरा नज़रिया बदल दिया मैं अपने पति के अलावा किसी ओर के बारे मैं सोच नही सकती थी लेकिन एक दिन ऐसा आया की मुझे किसी गैर मर्द से सेक्स करना ही पड़ा.

अब स्टोरी शुरू करती हूँ हमारे घर के पास वाले घर मैं एक फेमिली रहती है जिसमे एक मिस्टर सिंघ उम्र 43 ओर उनके दो बच्चे उनकी वाइफ की काफ़ी समये पहले डेथ हो चुकी थी काफ़ी स्मार्ट हैं वो 6 फीट स्ट्रॉंग बॉडी उनके बच्चे अक्सर हमारे घर आ जाते हैं उनका भी स्वभाव  काफ़ी अच्छा है लेकिन मैने उन्हे कभी नही बुलाया मैने ओर मेरे पति ने कई बार नोटीस किया की वो मुझे घूरते रहते हैं मेरे पति अक्सर मुझे कहते रहते थे की यह तुम्हे घूरता रहता है तुम कही लाइन तो नही देती उसे लेकिन मेरा कोई भी इंटरेस्ट नही था उसमे लेकिन एक ऐसी घटना घटी की मुझे मिस्टर सिंघ के साथ सेक्स करना पड़ा रविवार का दिन था मैं घर का सारा काम करके 12 बजे फ्री हो गई ओर मुझे नींद आ रही थी विनोद ने कहा की मैं अपने दोस्त के पास जा रहा हूँ अगर कुछ बाज़ार से लाना है तो बोल दे मैने आइस क्रीम के लिये कहा वो चला गया ओर मैने गेट लॉक कर दिया ओर अंदर अपने रूम मैं आ कर उल्टी लेट गई.

मैने पजामा ओर टी-शर्ट पहन रखी थी हमारे घर मैं दो ही रूम हैं ओर सीढ़िया बाहर गेट के पास थी वो अपने बेटे को आवाज़ दे रहे थे लेकिन मुझे नही पता था की वो आवाज़ देते हुये  हमारी छत से नीचे आ रहे हैं इतने मैं उठ पाती वो सीधा मेरे रूम मैं आ गये मैं उठ कर बैठी हुई ओर बोली भाई साहब आप यहाँ वो बोले सॉरी डिस्टर्ब किया मैं बस अपने बेटे को ढूंढ रहा था मैने कहा की वो तो यहाँ नही आया जैसे ही वो वापस जाने लगे गेट पर विनोद आ गया ओर डोर लॉक करने लगा मैं डर गई मैने सोचा की अगर विनोद ने मिस्टर सिंघ को यहाँ देख लिया तो कही कुछ ग़लत ना सोच ले मैने कहा भाई साहब आप बाहर मत जाइये मैने गेट लॉक किया हुआ है ओर विनोद कुछ ग़लत ना समझ ले आप प्लीज यही छुप जाइये वो 2 मिनिट मैं चला जायेगा वो बोले की मैं समझा दूँगा मैने कहा नही आप उसे नही जानते वो बोले ठीक है.

मैने गेट खोला विनोद सीधा उस रूम मैं जाने लगा मेरा रंग उड़ गया मैने पूछा क्या हुआ गये नही वो बोला की अभी नही 1 घंटे बाद जाना है ओर मेरे दोस्त यहीं से मुझे पिक कर लेंगे मैने सोचा की चलो तब तक मैं अपनी स्वीट वाइफ के साथ आइसक्रीम ख़ाता हूँ मैं डर के मारे कांप रही थी विनोद ने उसी रूम मैं एंटर किया ओर टी.वी देखने लगा ओर मुझे बोला आओ जान आइसक्रीम खाते हैं मुझे थोड़ा रिलीफ मिला की मिस्टर सिंघ कहीं छुप गये हैं मैं भी काँपते कदमो से रूम मैं बेड पर जा कर बैठ गई वो बोला आइसक्रीम खा लो मैने कहा अभी नही वो मेरे करीब आ कर बैठ गया ओर बोला नही हम दोनो अभी आइसक्रीम खायेगे ओर नये तरीके से में उसकी कोई भी बात सुन नही रही थी मैं सोच रही थी की मिस्टर सिंघ कहाँ छुपे हैं.

इतने मैं विनोद ने थोड़ी सी आइसक्रीम मेरे पैरों पर गिरा कर चाटने लगा मैने उसे कहा की विनोद तंग मत करो विनोद मेरे पास आ कर मुझे चूमते हुये बोला क्यों क्या अभी मूड नही है मुझे टेन्शन यह थी की विनोद को नही पता की कोई ओर भी इस रूम मैं है मैने कहा नही है मूड अभी तो वो बोला फिर तो ओर भी मजा आयेगा ओर मेरे उपर चड़ के मुझे पागलो की तरह चूमने लगा मैं मिस्टर सिंघ को ढूंढ रही थी मैंने चुपके से बेड के नीचे देखा वो वहाँ नही थे फिर जब विनोद मेरी गर्दन पर किस कर रहा था तब मैने साइड मैं देखा हमारे रूम मैं लकड़ी की अलमारी है काफ़ी बड़ी है ओर उसमें सामान भी कुछ ज़्यादा नही है ओर उसमे से बाहर आसानी से देखा जा सकता है मैने सोचा यहाँ हैं भाई साहब फिर मैने सोचा की अगर विनोद ने मेरी चुदाई यहीं स्टार्ट कर दी तो भाई साहब को फ्री मैं मजे लेने को मिल जायेगे.

मैने विनोद से कहा की चलो दूसरे रूम मैं चलते हैं वो उठा ओर बोला क्यों यहाँ क्या है पहले भी तो यही चुदवाती थी आज हुआ क्या है तुम्हे मेरा साथ क्यों नही दे रही हो मैने सोचा की अगर मैने इसका साथ नही दिया तो विनोद को शक होगा मैने सब भगवान पर छोड़ दिया ओर विनोद को गले लगा कर उसका साथ देने लगी वो बोला थैंक्स माई वाइफ उसने मेरे लिप्स पर थोड़ी सी आइस क्रीम रखी ओर उसे चाटने लगा फिर उसने अपने सारे कपड़े उतार दिये ओर मेरी टी शर्ट भी उतारने लगा मैने हिचकिचाते हुये टी शर्ट उतार दी ओर विनोद ने फिर आइसक्रीम मेरे बूब्स पर रखी ओर उसे चाटने लगा मैं बीच बीच मैं अलमारी की तरफ देख लेती मुझे मजा भी आ रहा था ओर टेन्शन भी हो रही थी की बेशक मेरा पति मुझे चोद रहा है लेकिन मेरे नंगे जिस्म को कोई अंजान भी निहार रहा है.

फिर मैने सोचना बंद कर दिया क्योकी टेन्शन के कारण मजा नही आ रहा था मैने कहा कोई बात नही देखने दो टी.वी की आवाज़ के कारण उसकी कोई भी आहट नही आ रही थी फिर विनोद ने मेरा पजामा ओर मेरी पेंटी भी उतार दी ओर कभी मेरी जांघ पर आइस क्रीम लगाता ओर कभी मेरी चूत पर बीच बीच मैं ध्यान मिस्टर सिंघ की तरफ जाता की उन्हे क्या फील हो रहा होगा मेरा गोरा नंगा बदन देख कर फिर मुझे विनोद की वाइफ शेरिंग ओर स्वपिंग की बातें वो सारी स्टोरी याद आने लगी मैं सेक्स मैं डूबती जा रही थी अब मुझे यह सोच कर मजा आने लगा की कोई गैर मर्द मुझे सिर्फ़ 6 फीट की दूरी से मुझे इस हालत मैं देख रहा है और मेरी चुदाई देख रहा है मुझे चोदने की तैयारी तो विनोद कर रहा था लेकिन मैं फीलिंग्स मिस्टर सिंघ की ले रही थी.

मै अपने बूब्स दबा रही थी ओर विनोद मेरी चूत ओर गांड चाट रहा था मुझे 2 मिनिट लगे झड़ने मैं मेरी पूरी चूत गीली हो गई विनोद ने सारा चूत का पानी चाटा ओर बोला की आज क्या बात है क्या चल रहा है मन मैं आज बहुत जल्दी पानी छोड़ दिया मैने बात को बदलते हुये  कहा की जान यह आइसक्रीम वाला आइडिया अच्छा था फिर वो लेट गया ओर मुझे सक करने को कहा फिर मैने डिसाइड कर लिया की आज मिस्टर सिंघ को पूरी लाइव ब्लू फिल्म दिखाउंगी मैं विनोद के लंड पर झुक गई ओर उसे मुँह मैं लेकर चूसने लगी ज़्यादातर मेरा मुँह लंड चूसते  वक़्त अलमारी की तरफ था ताकि भाई साहब को वो बिल्कुल साफ ओर पूरा दिखे कभी मैं लंड चूसती कभी विनोद के लटके उनके दोनो बाल्स को मुँह मैं लेकर चूसती वो दर्द के कारण उछल पडते ओर बोलते सीमी आज तुम मुझे मार दोगी क्या थोड़ी देर लंड चूसने के बाद मैं अपने बाल बाँधने के लिये बेड पर खड़ी हो गई बाल बाँधते हुये मैने अपनी बॉडी का पूरा नंगा शरीर मिस्टर सिंघ को दिखाया.

फिर मैं बेड से नीचे उतरी ओर घोड़ी बन कर विनोद का लंड चाटने लगी ताकि वो पीछे से मेरी गांड ओर मेरी चूत देख सके मैं पूरे मजे मैं थी फिर उपर आई ओर विनोद का लंड अपनी चूत पर सेट किया और एक ही झटके मैं लंड अंदर ले लिया फिर मैं विनोद के लंड पर उछलने लगी विनोद को पूरा मजा आ रहा था उसके चहरे से पता लग रहा था ओर मुझे भी ओर शायद मिस्टर सिंघ को भी मेरे साथ मेरे बूब्स भी उछल रहे थे मैं कभी अपने दातो से अपने होंठ काटती कभी अपने बूब्स दबाती 15 मिनिट तक मैं लगातार उनके लंड पर उछलती रही मैं थक चुकी थी और झड़ भी चुकी थी.

मै विनोद के उपर गिरी लेकिन विनोद का अभी लंड पूरा खड़ा था ओर वो मुझे ओर चोदना चाहता था उसने मेरी टाँगे उठाई ओर मेरी कमर के नीचे तकिया रखा ओर जबरदस्त चुदाई करने लगा मेरे मुँह से आवाज़ें निकल रही थी वो चोदते हुये बोलने लगा की सीमी मान जा थ्री सम फॉर सम मैं ग्रूप मैं स्वपिंग मैं बहुत मजा आता है मैं तुझे किसी ओर से चूदते देखना चाहता हूँ मुझे फिर टेन्शन हो गई की ओर कोई चोदे ना चोदे लेकिन बाहर निकलते ही मिस्टर सिंघ ज़रूर चोदेगे फिर उसने मुझे घोड़ी बनाया ओर मेरी गांड मैं एक ही झटके मैं लंड डाल दिया वो बहुत तेज़ धक्के मार रहा था.

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मैं भी अपनी गांड पीछे की ओर फेंक रही थी बहुत मजा आ रहा था कभी वो गांड चाटता कभी चूत कभी चूत मैं लंड डालता कभी गांड मैं ओर फिर बोलता कि मान जा सीमी देख एक टाइम पर एक ही लंड जा रहा है अगर एक तेरी गांड मैं हो दूसरा चूत मैं तीसरा मुँह मैं कितना मजा आयेगा तुझे ओर मुझे मैने भी थोड़ा थोड़ा मिस्टर सिंघ का लंड इमेंजिन करने लगी मेरा पानी फिर तीसरी बार झड़ गया इतने मैं विनोद को उसके दोस्तो की कॉल आ गई ओर वो बोले की 10 मिनिट मैं वो हमारे घर पहुँच रहे हैं तैयार रहना हम इन्तजार नही करेंगे विनोद ने मुझे सीधा किया ओर मेरी चूत मैं लंड डाल कर बोला आज पहले से ज़्यादा मजा आया ओर फिर धक्के मारने लगा और 20-25 धक्को के बाद उसके लंड से गर्म पानी निकल गया जो की मेरी चूत मैं समा गया मैने भी महसूस किया की आज की चुदाई बाकी दिनो से अलग थी विनोद का लंड मैने चाट के साफ़ किया वो झट से उठा कपड़े पहने ओर बोला की दोस्त बाहर आ गये हैं रात को मिलते हैं डोर लॉक कर लेना.

मैने राहत की सांस ली मैं कुछ मिनिट वैसे ही पड़ी रही हवस का नशा धीरे धीरे उतर रहा था मुझे फिर याद आया की मिस्टर सिंघ मैं झट से उठी ओर पजामा ओर टी शर्ट पहनी और भागती हुई गेट लॉक करने गई आते वक़्त पानी का गलास ले कर रूम मैं आई ओर मिस्टर सिंघ को बाहर आने को कहा मिस्टर सिंघ बाहर निकले मैने एक नज़र उठा कर उन्हे देखा वो पसीने से पूरे भीग चुके थे मैं उनसे आँख नही मिला पा रही थी मैने उन्हे पानी देते हुये कहा की सॉरी भाई साहब मुझे ऐसा नही करना चाहिये था मुझे क्या पता था की विनोद जायेगा ही नही जल्दी जल्दी मैं मैने फेसला ग़लत ले लिया.

आप कितने टाइम से अलमारी मैं खड़े हैं वो कुछ नही बोले चुपचाप पानी पीते पीते बेड पर बैठ गये मेरी ब्रा ओर पेंटी वहीं पड़ी थी उनकी पेंट मैं उनका खड़ा लंड साफ़ दिख रहा था मुझे उनसे काफ़ी शर्म आ रही थी मैं फिर बोली सॉरी भाई साहब वो बोले इट्स ओके वो उठ कर जाने लगे मैने शुक्रिया किया की जान बची लेकिन फिर वापस आये ओर बोले सीमी तुम बहुत सुंदर हो  मैने आँखें नीचे कर दी तुम्हारा पति बहुत लकी है फिर बोले की आज मैने तुम्हे जिस हालत मैं देखा है कोई ओर होता तो शायद अब जो मोका मेरे पास है नही छोड़ता मैं बोली हाँ भाई साहब आप बहुत शरीफ हैं वो मेरे पास आये ओर बोले देखो सीमी तुम्हारे रूप ने मुझे पागल कर दिया है मेरी बीवी को मरे हुये 8 साल हो गये है मैने कभी भी बाहर किसी से सेक्स नही किया लेकिन आज तुमने मेरा शेतान जगा दिया है मैं डर गई.

वो बोले मैं तुम्हारे साथ ज़बरदस्ती नही करूँगा अगर तुम चाहो तो एक बार प्लीज़ एक बार मेरे साथ सेक्स कर लो मैं फिर कभी नही कहूँगा मैने उनकी आँखों मैं देखा उनकी आँखों मैं पानी था वो सेक्स के लिये तरस रहे थे मैने कहा नही भाई साहब यह ग़लत है मै अपने पति से बहुत प्यार करती हूँ ओर उसे चीट नही कर सकती फिर वो बोले विनोद भी तो यह चाहते है तुम किसी ओर से सेक्स करो थ्री सम या फॉर सम वाली बात मैने सुनी है फिर इसमे क्या है मैने कहा हाँ लेकिन यह सब उनकी जानकारी मैं हो तभी शायद हो सकता फिर वो उदास हो कर बोले चलो ठीक है क्या तुम मेरे बारे मैं विनोद से बात करोगी अगर उसने तुम्हे थ्री सम के लिये कहा तो मैंने जान छुड़ाने के लिया हाँ कह दिया उनके चहरे पर थोड़ी मुस्कान आ गई.

फिर वो बोले की सीमी मैने तो तुम्हे पूरा नंगा देख लिया है तुम भी मेरा लंड देख लो शायद तुम्हे पसंद आये मैं कुछ बोल पाती इतने मैं उन्होने 8 इंच का लम्बा लंड मेरे सामने निकाल लिया मैं एकटक उसे देखती रह गई उनका मोटा ओर लम्बा लंड देख कर मैं हैरान हो गई थी वो बोले की कैसा लगा तुम्हारे पति से तो बड़ा है मैं कुछ नही बोली बस हल्की सी स्माइल दे दी फिर वो बोले की सिमरन मेरा एक काम कर दो मैने पूछा अब क्या है वो बोले सेक्स का फेसला तो तुम पति से पूछ कर लोगी लेकिन आज तुम मेरा पानी अपने हाथ से निकाल दो प्लीज ना मत करना अगर तुम्हारे पति मना भी कर देंगे तो मुझे कोई दुख नही होगा हम आज का टॉपिक यहीं बंद कर देंगे.

मैने थोड़ा सोचा की बात तो सही है अगर विनोद मान गया तो मुझे कोई एतराज़ नही लेकिन अगर नही माना तो कम कम से कम यह फ्यूचर मैं मुझे तंग तो नही करेगा मैने कहा ठीक है भाई साहब सिर्फ़ हाथ ओर कुछ नही आप मुझे टच नही करेंगे वो बोले ठीक है वो बेड पर बैठे थे मैं नीचे ज़मीन पर उनके सामने बैठ गई मैने डरते डरते अपने हाथ से उनका लंड पकड़ा बहुत मोटा ओर लम्बा लंड था ओर एकदम गर्म जैसे कोई गर्म रोड पकड़ ली हो पहले तो अज़ीब लगा लेकिन 1-2 मिनिट के बाद अच्छा लगने लगा काफ़ी अच्छा एहसास था कोई इतना सेहतमंद लंड पकडने का मैं कभी एक हाथ से लंड हिलाती तो कभी दूसरे से लेकिन लंड पानी छोड़ने का नाम ही नही ले रहा था मैं थक चुकी थी मैने उन्हे लेटने को कहा ओर मैं भी उनके साथ लेट गई लंड अभी भी हाथ मैं था मैं उल्टी लेटी हुई थी.

मेरा चेहरा उनके लंड के काफ़ी करीब था और लंड को हिलाते हिलाते मैं यह सोचने लगी की अब इतना कुछ तो हो ही गया है अगर विनोद मान जाये तो यह लंड मेरी चूत ओर मेरी गांड मैं होगा मुझे फिर मस्ती चढ़ रही थी यह सब करते करते मुझे पता नही चला की कब मैने अपनी एक टांग उनकी छाती पर रख दी ओर वो मेरे पैर के अंगूठे को मुँह मैं लेकर चूस रहे थे मैं कुछ नही बोली मुझे अच्छा लग रहा था मै गर्म होती जा रही थी मैने सोचा की अब जल्दी से इनका पानी निकले नही तो गड़बड़ हो जायेगी फिर मैने लंड की स्किन पीछे खींची ओर उनके सुपाडे को मुँह मैं भर लिया काफ़ी बड़ा सुपडा था विनोद का पूरा लंड मैं मुँह मैं ले लेती थी लेकिन उनके तो सुपडे से ही मुँह भर गया उनके मुँह से आआआआअ की धीमी धीमी आवाज़ें आ रही थी मेरी सांसो ओर मेरी ज़ीभ की गर्मी वो ज़्यादा देर झेल नही पाये ओर उन्होने सारा पानी मेरे मुँह मैं छोड़ दिया.

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मैं लंड चूसने मैं इतनी मग्न थी की मुझे पता ही नही चला ओर मैं सारा पानी पी गई ओर लगातार उनका लंड चूसे जा रही थी मैं सेक्स मैं एक बार फिर डूब चुकी थी वो उठ कर बैठ गये कभी मेरे बाल सहला रहे थे कभी मेंरी गांड कभी जांघ जिससे मेरा नशा बड़ रहा था लंड पानी छोड़ने के बाद भी खड़ा था मैंने उनका लंड मुँह से बाहर निकाला ओर सीधी लेट गई ओर तड़पने लगी मेरी आँखे खुल ही नही रही थी उन्होने मेरे दोनो बूब्स धीरे से दबाये मुझे बहुत अच्छा लगा और मेरी टी शर्ट उपर की ओर मेरी एक निपल को मुँह ले कर खींचा मैं सिसक उठी फिर दूसरी निपल पर भी ऐसा ही किया मैं मदहोश हो चुकी थी और अपनी टाँगे मसल रही थी फिर उन्होने मेरी टी शर्ट निकाल दी ओर मेरे बूब्स को ज़ोर ज़ोर से चूमने लगे उनका लंड मेरा पजामा फाड़ देता अगर उन्होने पजामा ना उतारा होता.

अब मैं फिर अंजान आदमी के सामने बिल्कुल नंगी थी उन्होने मुझे एक बार फिर बड़े ध्यान से देखा ओर बोले की तुम कयामत हो फिर वो अपना मुँह मेरी चूत के पास ले गये मेरी दोनो टाँगे खोल कर चूत को देखने लगे मेरी चूत मैं अब भी विनोद का स्पर्म था इसलिये चूत बहुत गीली थी लेकिन उन्होने कुछ सोचे बिना मेरी चूत चाटनी शुरू कर दी इतनी सख़्त ज़ीभ थी उनकी मैं उपर उठ रही थी ताकि पूरी ज़ीभ अंदर जा सके कभी वो गांड का छेद चाटते कभी चूत कभी गांड मैं उंगली घुसा कर उसे चाटते मैं सातवें आसमान मैं थी फिर उन्होने मुझे घोड़ी बनाया ओर पीछे से मेरी गांड ओर चूत चाटने लगे फिर हमने 69 पोज़िशन ली मैं उनक उपर थी ओर बड़ी बेरहमी से उनका लंड चूस रही थी.

मेरा पानी निकल चुका था सारा का सारा पानी ओर विनोद का माल वो पी चुके थे मैं पिछले 2 घंटे से चुद रही थी ओर 4 बार झड़ चुकी थी मेरे मुँह से बस निकल रहा था लेकिन वो बोले अभी बस कहाँ फिर मुझे सीधा किया ओर मेरे उपर आ गये और अपना लंड मेरी चूत के छेद पर सेट किया और मुझे अब तेज़ दर्द होने वाला था चूत भी सुख चुकी थी मैंने अब अपने होंठ दबा लिये ताकि दर्द झेल सकूँ उन्होने अपना लंड मेरी चूत पर फेरा ओर फिर धीरे धीरे अंदर डालने लगे सारा लंड अंदर जा चुका था एक नया लंड एक नया एहसास था वाकई मजा आ रहा था 2-3 मिनिट मैं ही चूत मैं पानी आ गया ओर मुझे फिर मजा आने लगा लंड मोटा ओर लम्बा होने की वजह से इतना मजा आ रहा था की मानो चूत मैं ओर जगह है ही नही.

थोड़ी देर बाद मैं भी उनका साथ देने लगी फिर हम दोनो ने एक जबरदस्त किस की वो मेरी ज़ीभ को इस कदर चूस रहे थे मानो खा जायेगे कभी गालों पर कभी बूब्स पर काटते मैं उनके बालो मैं हाथ फेर रही थी फिर मैं एक बार फिर झड़ने के करीब पहुँच गई मैं बोलने लगी तेज़ तेज़ तेज़ ओर तेज़ वो भी तेज़ हो गये मेरे मुँह से आआहहा तेज़्ज़ तेज़्ज़्ज़्जज़्ज़्ज़्ज़ आआआआअ की आवाज़ें आ रही थी फिर उन्होने एक लास्ट पॉवरफ़ुल धक्का मारा मानो चूत फाड़ने वाला था वो धक्का हम दोनो का काम एक साथ हुआ मेरी पूरी चूत पानी से भर चुकी थी मानो पेट मैं गर्म लावा डाल दिया हो फिर उन्होने मुझे किस की ओर बोले थैंक्स सीमी आज तुमने मुझे वो दिया जिसके लिये मैं कब से तड़प रहा था मैने उनसे कहा की भाई साहब अब उठिये ओर जाइये यहाँ से कही फिर विनोद आ गया तो सारी रात अलमारी मैं निकालनी पड़ेगी वो बोले ठीक है जाता हूँ लेकिन मेरा लंड भी उसी तरह साफ़ करो जिस तरह विनोद का जाते वक़्त किया था.

मैने फिर उनका लंड मुँह मैं लिया ओर चाट कर साफ़ किया वो काफ़ी खुश थे ओर शायद मैं भी मैं सच्ची में पूरी तरह से सॅटिस्फाइड हो चुकी थी लेकिन दिमाग से नहीं मुझे लग रहा था की मैने विनोद से चीट किया है मिस्टर सिंघ ने कपड़े पहने और जाने लगे मैने उनसे कहा की जो आज हुआ यह आगे कभी नही होगा अगर होगा तो सिर्फ़ विनोद की मर्जी से वो बोले की यह तो बताओ की मेरे साथ करके कैसा लगा मैने स्वीट सी स्माइल दी वो समझ गये की मैं खुश हूँ ओर हंसते हंसते चले गये लेकिन मैं सारा दिन यही सोचती रही की सही किया या ग़लत फिर मैने सोचा की मैं यह सब विनोद को सच सच बता दूँगी.

उस रात विनोद 10 बजे आया उसने ड्रिंक कर रखी थी उसने फिर मेरे साथ सेक्स किया मेरे बूब्स पर काटने के निशान थे वो बोला की यह किसने किये मैं डर गई लेकिन मैंने मोका संभाल लिया ओर बोली की दोपहर को तुम ही करके गये थे वो उस रात मुझे चोदता रहा मुझे कुछ फील नही हो रहा था मैं बस जो हुआ उस सब के बारे मैं सोचती रही फिर मैने दो दिन बाद डिसाइड किया मैं टेन्शन मैं जा सकती हूँ इसलिये मुझसे यह जो ग़लती हुई है वो मुझे विनोद को बतानी पड़ेगी उसके बाद चाहे मुझे वो छोड़ दे.

मैं उससे बहुत प्यार करती हूँ ओर वो भी फिर मुझे यह स्टोरी का आइडिया आया मैंने पूरा दिन लगाकर उनके लेपटॉप पर यह स्टोरी लिखी ओर रात को जब विनोद घर आया उसने मुझसे पूछा की मूड क्यों ऑफ है रात को जब वो मेरे साथ सेक्स करने लगा मैंने उससे कहा की विनोद मैने एक स्टोरी लिखी है आप उसे पढ़ लीजिये अगर अच्छी लगे तो पोस्ट कर देना नही तो डीलीट कर दीजियेगा उधर वो स्टोरी पढ़ रहे थे ओर इधर मैं तकिये मैं मुँह देकर रो रही थी क्योकी इसके बाद मेरी लाइफ बदलने वाली थी मेरी लाइफ मैं आगे क्या हुआ यह मैं आपको अगली स्टोरी मैं बताउंगी तो आपको मेरी स्टोरी अच्छी लगे तो इसे शेयर जरुर करे. में इन्तजार करुँगी.

धन्यवाद ….

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