कोरी कली का भँवरा

0
Loading...

प्रेषक : राहुल …

हैल्लो दोस्तों, सुधीर एक नामी एडवोकेट है, उनकी अच्छी ख़ासी नौकरी चल रही है और उनके पास पैसे की कोई कमी नहीं है। दोस्तों उनके परिवार में पति-पत्नी और उनका एक लड़का है जिसका नाम मुकेश उसको उन्होंने पढ़ाई के लिए विदेश भेज दिया है और अब उसको गये हुए भी पूरे 21 साल हो गये है। फिर जब उनकी पत्नी की मौत हुई थी, उस समय मुकेश 19 साल का था और सुधीर को उनके रिश्तेदार दूसरी शादी करने के लिए बार-बार कहते थे। फिर एक बार उनके एक रिश्तेदार ने उनको शादी करने के लिए कहा और फिर सुधीर बोले कि इस उम्र में दूसरी शादी करूँ, ना बाबा ना। अब तुम ही देखो मेरा लड़का भी जवान होने लगा है और भला इस उम्र में दूसरी शादी करना मुझे क्या शोभा देगा? और फिर बाहर के लोग क्या कहेंगे? फिर उस रिश्तेदार ने कहा कि आप जरा सोचिए, क्या आपको एक औरत की कमी महसूस नहीं होती? और रही उम्र की बात तो में आपको ऐसे बहुत नाम गिना सकता हूँ जिन्होंने आपसे भी ज़्यादा उम्र में शादी की है और वो सभी अब बड़े खुश होकर मज़े से अपने आगे के जीवन का सुख ले रहे है और अब आप परंतु को गोली मारो और बस हाँ कीजिए, में आपको एक ऐसी कुंवारी कली खोजकर दूँगा कि आपको बीस साल का खोया आनंद दोबारा से मिल जाएगा।

अब सुधीर बोला कि यह सब तो ठीक है, लेकिन मुकेश का क्या होगा? जरा सोचिए घर में जवान लड़का है और कच्ची कली की लड़की से शादी करूँगा, तो क्या अच्छा लगेगा? यही तो सोचना है। फिर वो बोला कि तभी तो में कहता हूँ, अरे आप ऐसा क्यों सोचते है? सुधीर क्यों कुछ मैंने गलत कहा? अब सुधीर बोला कि नहीं आपने बिल्कुल सही कहा, लेकिन हर मुश्किल का अंत भी होता है, अच्छा क्या समाधान है आपके पास जरा मुझे भी तो बताए? फिर वो बोले कि आप मुकेश को विदेश भेज दीजिए। अब सुधीर बोला कि इससे क्या होगा? वो बोले कि इससे होगा कि मुकेश के विदेश जाने से आप आराम से अकेले शादी का आनंद ले सकते है और मुकेश जब तक वापस आएगा, तब तक सब कुछ बदल गया होगा और वो भी विदेश रहकर आएगा वहाँ के माहौल में रहेगा, तब उसको भी पता चल जाएगा कि मेरे पापा को भी किस चीज की जरूरत है। अब सुधीर को वो बात पूरी तरह से अच्छी तरह से समझ में आ गई थी और उन्होंने हाँ कर दी और फिर मुकेश के विदेश जाते ही सुधीर की शादी एक कच्ची कली लड़की से हो गई। दोस्तों उसका नाम मधु नाम था, जिसके साथ सुधीर की शादी हुई थी और वो बला की सुंदर उसका कसा हुआ बदन, गोरा रंग, बड़ी-बड़ी आंखे और उसकी छाती को देखकर तो सुधीर अपने आपको रोक ही नहीं पाए।

अब मधु को अपनी बाहों में ले लिया और उसको चूमते हुए कहा कि हाय मेरी रानी तुम्हें पाकर तो में निहाल हो गया। अब मधु ने कसमसाते हुए कहा क्या आपने सच कहा? तब सुधीर बोला कि हाँ बिल्कुल सच मेरी जान में तुमसे झूठ नहीं अपने मन की सच्ची बात कह रहा हूँ और फिर सुधीर मधु के दोनों बूब्स को पकड़कर मसलने लगे। फिर मधु अपने कूल्हों का दबाव सुधीर के लंड पर डालते हुए बोली कि यह पका हुआ आम नहीं है मेरे राजा जो आप इनको इतना कस कसकर इनका पूरा रस निचोड़कर पीना चाहते हो। अब सुधीर अपने लंड का दबाव मधु की चूत पर डालते हुए बोला कि तो क्या हुआ? में इनको बिना चूसे इनका पूरा रस निचोड़कर भी पीछा नहीं छोड़ सकता। फिर मधु मुस्कुराते हुए कहने लगी कि हाँ ठीक है आप खुद ही देख लो कि यह मेरे बूब्स आपके लिए कितना रस दे सकते है? यह आम है या मेरे बूब्स जिनकी वजह से आपको इतना मज़ा आ रहा है। फिर सुधीर बोला कि में वो कैसे कर सकता हूँ? तुरंत मधु बीच में बोल पड़ी ब्लाउज का बटन खोलकर आपको देखने के बाद सब पता चल जाएगा। अब सुधीर ने यह बात सुनकर बहुत खुश होकर मधु के ब्लाउज का बटन खोल दिया और उसके बूब्स को सहलाने लगे और कभी-कभी मधु के बूब्स की निप्पल को चूसने भी लगते, जिसकी वजह से मधु जोश मज़े मस्ती में आकर सीईईईईईइ ऊईईई करने लगती।

फिर सुधीर ने मधु के गालों को चूमते हुए कहा कि रानी लंड खाने का मन हो रहा है क्या? तब मधु ने उचककर अपनी साड़ी को अपनी कमर तक खीच लिया और सुधीर के फनफनाते हुए लंड को अपनी चूत पर लगा दिया और बोली कि राजा मेरी चूत पनिया गई है, राजा अब आप अपना लंड इसके अंदर डालकर मुझे चोदना शुरू करो। अब सुधीर मधु की चूत में अपना लंड का दबाव डालते हुए बोला कि क्यों रानी खड़े-खड़े लंडे लेना चाहती हो या में दूसरे आसन में तुम्हारी चुदाई शुरू करूं? तब मधु झट से बोल पड़ी कि हाँ आप खड़े-खड़े ही शुरू करो और फिर मधु तुरंत नीचे बैठकर सुधीर का लंड अपने मुँह में डालकर चूसने लगी और सुधीर मधु के बूब्स को सहलाते रहे। फिर कुछ देर तक लंड चूसने के बाद एकाएक मधु उठकर खड़ी हो गई और झुककर खड़ी हो गई और सुधीर से बोली कि राजा आओ पीछे से अपने लंड को मेरी चूत पर रखकर धक्का मारो। अब सुधीर ने पीछे जाकर मधु की चूत पर अपना लंड रखा और उसके बूब्स को पकड़कर एक जोरदार धक्का मार दिया जिसकी वजह से मधु की चूत में आधा लंड चला गया। अब मधु उस दर्द की वजह से तड़प उठी और अपने दोनों हाथ पीछे ले जाकर सुधीर के कूल्हों को पकड़कर अपनी तरफ दबाते हुए बोली कि पीछे खींचकर कस-कसकर धक्का मारो मेरे राजा।

अब सुधीर ने वैसा ही किया और अपने लंड को पीछे खींचकर एक और जोरदार का धक्का मार दिया, जिसकी वजह से इस बार सुधीर का पूरा लंड अंदर चला गया। अब मधु अपनी गांड को उचका उचकाकर चुदने लगी थी और पीछे से सुधीर ने भी ज़ोर-ज़ोर से अपनी कमर को उठा उठाकर चोदना शुरू कर दिया था और कभी-कभी सुधीर मधु को चोदते हुए उसके बूब्स को ज़ोर से मसल देते थे, जिसकी वजह से मधु सिसक उठती। फिर कुछ समय तक सुधीर मधु को चोदते रहे, तभी एकाएक अपनी कमर को ज़ोर-ज़ोर से आगे पीछे करते हुए मधु चिल्ला उठी और बोली कि राजा ज़ोर-ज़ोर से चोदो मुझे, अब में झड़ने वाली हूँ। फिर सुधीर ने मधु के बालों को पकड़कर पीछे की तरफ उसका मुँह कर दिया और मधु के होंठो को चूसते हुए ज़ोर-ज़ोर से धक्का लगाना शुरू कर दिया। अब मधु चिल्ला उठी हाए मेरे राज आज तुम फाड़ दो पूरा डाल दो अपना लंड ऊईईई में गई, हाए मेरे राजा और फिर मधु ने अपना पानी छोड़ दिया। अब सुधीर मधु को अपने आगोश में लेकर ताबड़तोड़ धक्के लगाने लगे थे, जिसकी वजह से पूरे कमरे में मधु की सिसकियों की आवाज के साथ ही पच-पच की आवाज गूंजने लगी थी। फिर कुछ समय के बाद सुधीर ने अपने लंड का पानी मधु की चूत में ही डाल दिया और अपना लंड उसकी चूत में ही डाले रखा और कुछ देर बाद वो अलग हुए बाथरूम में जाकर नहाधोकर कपड़े पहनकर एक दूसरे से चिपककर सो गए।

दोस्तों ऐसा उनके बीच बहुत बार हुआ, लेकिन अभी एक सप्ताह पहले मधु अपने मयके चली गई और अब वो आजकल में आने वाली ही थी। अब सुधीर अपने कमरे में अकेले बैठे हुए कोई फाईल देख रहे थे, तभी दरवाजे पर दस्तक की आवाज सुनकर दरवाजा खोला और पूछा कि कौन है? तब बाहर से आवाज आई दरवाजा खोलिए। अब बाहर कोई 30-35 साल का कोई आदमी खड़ा था, सुधीर ने पूछा कि कहिए क्या काम है आपको? तब वो बोला कि में किराए का कमरा खोज रहा हूँ। अब सुधीर पूछने लगी कि आपको कितने कमरे चाहिए? तब वो बोला कि एक या दो मिल जाए तो काम चल जाएगा। फिर सुधीर बोले कि दो कमरे खाली है, अभी मैंने उनको किराए पर नहीं दिए है, आपके परिवार में कितने सदस्य है? अब वो बोला कि केवल चार में, मेरी बीवी, मेरी एक 18 साल की बहन और एक 20 साल का भाई, वो दोनों पढ़ते है और में सुबह 8 बजे दुकान पर चला जाता हूँ और रात को 8 बजे दुकान बंद करके वापस आ जाता हूँ। फिर सुधीर बोला कि हाँ ठीक है आइए, में आपको कमरा दिखा दूँ और यह कहते हुए सुधीर ने कमरा दिखा दिया और बोला कि देख लीजिए यही है।

अब कमरे को देखकर वो आदमी खुश हो गया और बोला कि बहुत अच्छे है, मुझे इनका किराया कितना देना होगा सर? तब सुधीर बोला कि देखिए मैंने अभी तक कमरा कभी किराए पर नहीं दिया है, इसलिए मुझे समझ में नहीं आता कि में क्या बताऊँ? तब वो आदमी बोला कि फिर भी बताइए तो? अब सुधीर बोला कि आप 2000 रुपये दे देना। फिर वो बोला कि हाँ ठीक है, एड्वान्स कितना दूँ? तब सुधीर बोला कि एड्वान्स की कोई जरूरत नहीं है और वैसे आप कब आ रहे है? तब वो कहने लगा कि बस आज शाम तक आ जाऊँगा। फिर सुधीर बोले कि हाँ ठीक है आपके आ जाने से हमारा भी मन लगा रहेगा, मेरे कोर्ट चले जाने के बाद मेरी पत्नी इस पूरे इतने बड़े घर में अकेली रह जाती है और आपके परिवार के आ जाने से उसका भी मन लगा रहेगा। फिर वो बोला कि हाँ क्यों नहीं सर? में आपको कभी भी शिकायत का कोई भी मौका नहीं दूँगा। फिर शाम होते-होते वो लोग अपने सामान के साथ आ गये, उसका नाम महेश था, उसकी बीवी का नाम प्रिया, बहन का नाम अंजली और भाई का प्रदीप था। अब महेश सुधीर के साथ बैठकर बातें कर रहा था और प्रिया रात के खाने का इंतज़ाम करने गई थी, तभी कमरे में अंजली दो कप चाय लेकर आ गई और बोली कि भैया।

अब वो खनकती हुई सुरीली मीठी आवाज को सुनकर सुधीर ने अंजली की तरफ देखा, वो अपने दोनों हाथों में कप लिए हुए थी और उसने सफ़ेद रंग का सूट पहना हुआ था और उसका बदन बहुत गोरा था। फिर सुधीर की नजर उसकी गोरी उभरी हुई छाती पर गई तो वो देखकर बड़ा चकित रह गया और मन ही मन में सोचने लगे कि इतनी सी उम्र में इतना कसमसाया हुआ सीना, जरूर इस छाती पर किसी का हाथ पड़ता होगा? बिना हाथ पड़े इस उम्र में इस आकार के बूब्स नहीं हो सकते और ना जाने वो और क्या-क्या सोचते रहे? कि तभी महेश ने बोला कि यह मेरी बहन है। अब सुधीर चकित होकर बोला कि अरे हाँ, आओ बेटी, आओ वहाँ क्यों खड़ी हो? मेरे पास आओ। फिर अंजली ने महेश की तरफ कप बढ़ाकर सुधीर को चाय का कप पकड़ा दिया, अभी दो चार चुस्की ही ली होगी कि तभी प्रिया की आवाज आ गई। अब पत्नी की आवाज सुनकर महेश उठता हुआ बोला कि में अभी आया सर, अंजली की पीठ पर अपना एक हाथ रखकर सुधीर बोला कि ठीक है, तब तक में अंजली से बात करता हूँ। फिर महेश के चले जाने के बाद सुधीर ने अंजली की पीठ पर अपना एक हाथ फैरते हुए पूछा कि पढ़ती हो? वो बोली कि जी हाँ, तब सुधीर ने पूछा कि किस क्लास में? अब इस बार सुधीर का हाथ फिसलकर उसकी कमर पर आ गया था।

तब अंजली ने थोड़ा सा मुस्कुराकर कहा कि जी 9वीं क्लास में, इस बार सुधीर का हाथ उसकी कमर से फिसलकर उसके कूल्हों तक आ गया, लेकिन उसने कोई विरोध नहीं किया। अब सुधीर ने उसके कूल्हों पर अपना हाथ घुमाना शुरू कर दिया था। अब उसके कूल्हों पर हाथ घुमाते हुए सुधीर का लंड टाईट होने लगा था और अंजली मुस्कुरा रही थी। फिर सुधीर अंजली की कमर में अपना एक हाथ डालकर उसको अपनी तरफ खीचना चाह रहा था कि तभी महेश आ गया और बोला कि माफ़ कीजिएगा सर मुझे जरा देर हो गई, अंजली की भाभी कह रही थी कि जब तक भाभी जी नहीं आती आप हमारे साथ ही खाना खाया कीजिए। अब सुधीर अंजली की कमर से अपना हाथ बाहर खींच चुका था और चाय का कप अंजली को पकड़ा दिया, तब अंजली मुस्कुराती हुई चली गई। फिर सुधीर ने महेश की तरफ देखा और बोला कि इसकी क्या जरूरत है? बहुत मनाने के बाद सुधीर मान गये। फिर रात को सभी ने एक साथ खाना खाया, प्रिया ने सभी को बड़े प्यार से खाना खिलाया और तब सुधीर ने देखा कि मधु और प्रिया में कोई खास अंतर नहीं था। दोस्तों प्रिया भी एकदम मस्त और जवान थी, सुधीर प्रिया के बूब्स की तरफ एकटक नजर से देख रहा था कि तभी प्रिया की नजर उनसे टकरा गई, तब सुधीर झेंप गये। फिर सुधीर अपने कमरे में जाने लगा और बोला कि अच्छा अब में चलता हूँ बाकि बातें कल होगी।

Loading...

अब रात के 12 बज रहे थे, सुधीर की आँखों में नींद नहीं थी और उनकी आँखों में बार-बार अंजली का चेहरा और उसके बूब्स आँखों के सामने आ जाते और वो उसको अपनी गोद में लेने को बैचेन हो रहे थे। फिर एकाएक सुधीर उठे और दरवाजा खोलकर बाहर आए, तब उन्होंने देखा कि महेश के कमरे का बल्ब जल रहा है और उसका भाई प्रदीप खिड़की से अंदर झाँकने की कोशिश कर रहा था। फिर सुधीर चुपचाप खड़े रहे और देखने लगे, कुछ देर तक प्रदीप अंदर देखता रहा और फिर अपने कमरे में चला गया। दोस्तों उस कमरे में प्रदीप और अंजली का रहने का इंतज़ाम था, कुछ देर के बाद अंजली प्रदीप के साथ बाहर निकली और प्रदीप अंजली की कमर में अपना हाथ डाले उसको उस खिड़की के पास ले गया और फिर अंजली को देखने का इशारा किया। फिर अंजली उस छेद से अंदर झाककर देखने लगी और प्रदीप पीछे खड़ा होकर अंजली की पीठ पर अपना एक हाथ फैरता रहा और फिर कुछ देर के बाद उसके कान में बोला कि मुझे भी तो देखने दो। अब अंजली ने उस छेद से तुरंत अपनी आँखों को हटा लिया, तब प्रदीप ने अंजली की फ्रॉक को पीछे से पलट दिया और अपने पजामे से अपने फनफनाए लंड को अपनी अंडरवियर से धीरे धीरे अंजली की गांड में दबाते हुए और उसके दोनों बूब्स को अपने दोनों हाथों में पकड़ते हुए उसके गाल पर अपना गाल रखकर अंदर देखने लगा था।

अब अंजली ने इसका कोई विरोध नहीं किया, यह सब सुधीर साँसे बंद करके देखते रहे। फिर सुधीर ने देखा कि कुछ ही देर के बाद प्रदीप ने अंजली को कसकर अपनी बाहों में जकड़ लिया और अंजली के होंठो को चूमकर अपने कमरे में चलने का इशारा किया। तब सुधीर ने देखा कि अंजली प्रदीप के लंड को उसके पजामे के ऊपर से सहला रही थी और प्रदीप अपना एक हाथ बढ़ाकर अंजली की चूत को सहला रहा था। फिर वो दोनों एक दूसरे की कमर में अपना हाथ डाले कमरे में चले गये और कमरा बंद कर दिया। अब सुधीर भी यही चाहते थे, उन दोनों के जाते ही सुधीर महेश के कमरे में अंदर देखने लगे, तब उन्होंने अंदर देखा कि महेश प्रिया के बूब्स को बड़े प्यार से चूस रहा था और प्रिया महेश के लंड को सहला रही थी। फिर यह सब देखकर सुधीर ने सोचा कि यह द्रश्य देखकर अंजली और प्रदीप क्या कर रहे होंगे? और यह सोचते हुए सुधीर उसके कमरे की तरफ गये। अब उसके कमरे के दरवाजे के छेद से उन्होंने देखा कि वो दोनों नंगे एक दूसरे को चूम रहे थे और चिपके हुए थे। फिर प्रदीप अंजली के पीछे चला गया और उसकी गांड पर अपना लंड रख दिया और फिर अपने दोनों हाथ से उसके बूब्स को पकड़कर अंजली को अपनी गोद में बैठा लिया।

अब अंजली प्रदीप की गोद में बैठती हुई बोली कि चूत नहीं चाटोगे क्या? तब प्रदीप बोला कि क्यों चूत चाटता हूँ तो अच्छा लगता है क्या? अब अंजली हंसते हुए बोली कि हाँ मुझे बड़ा मस्त मज़ा आता है मेरा पूरा बदन जोश से भर जाता है। फिर प्रदीप हंसते हुए बोला कि फिर चलो तुम अब लेट जाओ में तुम्हारी चूत चाटता हूँ और तुम मेरा लंड चूसो। अब अंजली बोली कि कैसे जैसे भैया भाभी एक दूसरे का चाट और चूस रहे थे? फिर जब प्रदीप ने अंजली की चूत की फाँक में अपनी जीभ को डालकर चाटा तब अंजली अपनी चूत को प्रदीप के मुँह पर रगड़कर सिसक उठी। अब प्रदीप के लंड से रस निकलने लगा था जिसको देखकर अंजली बोली कि प्रदीप। तब प्रदीप बोला कि हाँ। फिर अंजली प्रदीप के लंड को पकड़कर ऊपर नीचे करते हुए बोली कि महेश भैया की तरह तुम्हारे लंड से भी पानी के रंग का कुछ लसलसा सा निकल रहा है। फिर प्रदीप बोला क्या सच? वो बोली कि हाँ। फिर प्रदीप बोला कि हाँ ठीक है, अब तुम भी भाभी की तरह मेरे लंड को चूसो। अब वो बोली कि तुम भी भैया की तरह मेरी चूत को जमकर चाटो और मेरी गांड पर अपनी उँगलियाँ चलाओ।

अब वो दोनों एक दूसरे को चाटने और चूसने में लगे हुए थे और यह सब देखकर सुधीर की हालत खराब हो रही थी और अब वो अपने लंड को सहलाने में लगा हुआ था। फिर उन्होंने देखा कि अंजली नीचे लेट गई थी और प्रदीप उसकी चूत पर अपना लंड रगड़ रहा था, वैसे प्रदीप का लंड ज़्यादा बड़ा भी नहीं था और पतला सा था, वो लंड दबाता तो वो मुड़ जाता। अब अंजली मस्ती में सिसक सिसककर बोल रही थी आह्ह्ह्हह ऊफ्फ्फ्फ़ प्रदीप बड़ा मज़ा आ रहा है, लो मेरे बूब्स को चूसते हुए अपना लंड मेरी चूत पर ज़ोर-ज़ोर से रगड़ो। अब प्रदीप उसके दोनों बूब्स को चूसता हुआ कभी एक को चूसता, तो दूसरे को दबाने लगता था। अब यह द्रश्य देखकर सुधीर समझ गये थे कि उन दोनों ने महेश और प्रिया को कभी चोदते नहीं देखा होगा, इसलिए उन दोनों को चुदाई के बारे में पता नहीं है। तभी सुधीर ने अंदर देखा कि प्रदीप अंजली की चूत पर अपना लंड जल्दी-जल्दी रगड़ रहा था और अंजली के बूब्स को बड़े मज़े से चूसे जा रहा था। फिर अंजली प्रदीप को जकड़कर बोली कि मेरे राजा तुमने मेरी चूत पर पेशाब कर दिया क्या? तब प्रदीप हाफता हुआ बोला कि नहीं मेरी रानी, पता नहीं मेरे लंड से कोई चीज निकली है, लेकिन जब निकला तब बहुत अच्छा लगा।

अब अंजली उसके होंठो को चूमकर बोली कि जरा हटो, तो में भी देखूं कि क्या निकला है मेरे राजा के लंड से? जो तुम्हें इतना आनंद आया और हाफने भी लगे। फिर अंजली ने अपनी चूत पर अपना एक हाथ रखा तो उसके हाथ में कुछ चिपचिपा सा लगा और उसको प्रदीप को दिखाते हुए बोली कि तुम्हारे लंड से यह क्या निकला? तब प्रदीप बोला कि पता नहीं। अब यह सब देखकर सुधीर की हालत बहुत खराब हो गई और बिना चूत में गये ही उसके लंड से पानी निकल गया था। अब अंजली प्रदीप का लंड चाटकर साफ कर रही थी और प्रदीप अंजली की चूत को चाट रहा था। फिर सुधीर वहाँ से चला गया था और अपने कमरे में आकर लेट गया और अंजली की जवानी के बारे में सोचने लगा था। अब बार-बार उनकी नजरों के सामने अंजली की बिना बालों वाली कामुक चूत आ रही थी। फिर इसी तरफ उन्होंने सारी रात जागकर गुजार दी, अब इसी तरह सुबह के 6 बज गये थे। तभी महेश की आवाज सुनाई दी, अंजली सर को चाय दे आओ। अब अंजली चाय देने आ रही है, यह सुनकर सुधीर के बदन में सनसनी फैल गई और फिर सुधीर दरवाजा खोलकर लेट गये और अपने फनफनाए लंड को अपनी लुंगी से बाहर निकाल दिया। अब सुधीर अपनी दोनों आँखों को बंद करके नींद का बहाना किए हुए थे।

फिर अंजली चाय लेकर कमरे में आई और सुधीर के लंड पर अपनी नजर पड़ते ही वो चौककर वहीं पर मूर्ति बनी खड़ी हो गई। फिर वो कुछ देर तक सुधीर के लंड को घूरकर देखती रही और सुधीर आधी खुली अपनी आँखों से देख रहे थे। अब अंजली धीरे से चलकर सुधीर के पलंग के पास आई और सुधीर के लंड को गौर से देखने लगी थी। फिर कुछ देर तक देखने के बाद उसने सुधीर की तरफ देखा और उन्हें नींद में जानकर उनके लंड को अपने हाथ से पकड़ लिया। अब अंजली के लंड को पकड़ते ही सुधीर का लंड फनफनाकर उठ गया था और सुधीर ने अपनी आंखे खोल दी। फिर अंजली एकदम से घबरा गई और सुधीर ने अरे अंजली कहकर उसकी पीठ पर अपना एक हाथ रख दिया। अब अंजली ने घबराकर डरते हुए कहा कि जी चाय और यह कहकर अंजली ने चाय का कप आगे बढ़ा दिया। फिर सुधीर बैठ गये, उनका लंड अभी तक बाहर निकला हुआ था और फनफना रहा था। अब अंजली बार–बार नजर बचाकर सुधीर के लंड की तरफ देख रही थी। फिर सुधीर चाय का कप लेते हुए अंजली के कूल्हों पर अपना एक हाथ रखकर बोले कि कैसा लग रहा है? तब वो पूछने लगी क्या? उसी समय सुधीर अंजली का एक हाथ पकड़कर अपने लंड पर रखते हुए बोला कि यही।

Loading...

अब अंजली ने झट से शरमाकर अपना हाथ सुधीर के लंड पर से झटककर पीछे हटा लिया। अब अंजली अपनी नजरे नीचे झुकाए खड़ी थी और उसी समय सही मौका पाकर सुधीर ने अंजली की फ्रॉक के ऊपर से उसकी गांड के छेद पर उसकी पेंटी पर अपना हाथ फैरते हुए बोला कि मैंने रात को प्रदीप के साथ सब कुछ देखा है। अब अंजली वो बात सुनकर एकदम से घबरा गई और बोली क्या? तब सुधीर बोला कि तुम और प्रदीप दोनों अपने भैया के कमरे में झाक रहे थे और फिर तुम दोनों ने जो अपने कमरे में जाकर किया था, वो सब मैंने रात को अपनी आँखों से देखा है। अब अंजली पूरी बात को सुनकर शरमाकर बिल्कुल सिमट सी गई और फिर अंजली को शरमाते हुए देखकर सुधीर खड़े हो गये और अंजली को अपनी बाहों में भरकर चूम लिया। अब अंजली का गोरे गाल लाल हो चुके थे, सुधीर ने अंजली को अपने लंड पर दबाकर अपनी गोद में बैठा लिया। अब अंजली शरम की वजह से कसमसाकर अपने कूल्हों को इधर उधर सरकाने लगी थी फिर सुधीर अंजली के बूब्स को पकड़ते हुए पूछने लगे कि क्या हुआ? तब वो बोली कि कुछ चुब रहा है। अब वो पूछने लगे कि क्या? तब वो बोली कि आपका लंड। फिर वो बोला कि क्यों? वो बोली कि आपका लंड बहुत मोटा है और लोहे जैसा कड़क भी है।

फिर सुधीर अंजली के गालों को चूमकर बोला कि पेंटी को निकालकर अपनी गांड को लंड पर रखकर बैठो, फिर बहुत मज़ा आएगा। अब अंजली मस्त हो रही थी और उसकी चूत से पानी भी निकलने लगा था। फिर उसने तुरंत अपनी पेंटी को नीचे सरका दीया और अपनी गांड की फाँक को सुधीर के लंड पर रखकर बैठ गई। अब अंजली की कुँवारी चूत को अपने लंड पर लगते ही सुधीर ने उसके दोनों बूब्स को कसकर मसलते हुए अपनी बाहों में जकड़ लिया था। तब अंजली तड़प उठी और बोली कि आहह ऊफ्फ्फ अंकल बस करो। अब सुधीर बड़े ही प्यार से अंजली के गालों को चूमकर पूछने लगा कि क्या हुआ मेरी रानी? वो बोली कि दर्द हो रहा है, जरा मेरे बूब्स को धीरे से दबाइए ना। फिर अंजली की बातें सुनकर सुधीर अपना एक हाथ उसकी बिना बालों वाली चूत पर रखते हुए बोला कि लंड पर चूत रखकर बैठना कैसा लग रहा है? तब वो बोली कि बहुत अच्छा लग रहा है। फिर सुधीर ने अंजली के बूब्स को दबाते हुए पूछा क्या तुम कभी चुदवाई हो? तब अंजली बड़ी ही मासूमियत से बोली कि वो क्या होता है? अब सुधीर ने पूछा क्या तुम नहीं जानती? वो बोली कि नहीं।

अब सुधीर बोला क्या प्रदीप ने तुम्हे कभी चोदा नहीं? तब वो बोली कि नहीं, उसको चोदना कहाँ आता है? अब सुधीर बोला कि फिर वो तुम्हारी चूत पर अपना लंड रखकर क्या कर रहा था? वो बोली कि बस ऊपर से ही लंड रगड़ता रहा, उसने बहुत बार डालने की कोशिश कि, लेकिन लंड अंदर नहीं गया, उसका लंड बहुत पतला है और नर्म भी जल्दी हो जाता है और फिर कुछ देर के बाद उसके लंड से चिपचिपा प्रदार्थ मेरी चूत पर गिरा और वो सुस्त हो गया। अब सुधीर उसकी चूत को सहलाते हुए पूछने लगा क्या तू मुझसे अपनी चुदाई करवाने के लिए तैयार है? तब वो पूछने लगी कि कैसे चुदाया जाता है? सुधीर बोला कि वो में सब तुम्हे बता दूँगा। अब वो तुरंत बोली कि हाँ तो बताईए ना, क्योंकि अब तक अंजली एकदम गरम हो चुकी थी और वो रह रहकर अपनी गांड को सुधीर के लंड पर दबा रही थी। अब सुधीर समझ गये थे कि लड़की चुदाई करवाने के लिए तैयार है और उसको पूछा कि तुम्हे कैसा लग रहा है रानी? फिर वो बोली कि बहुत अच्छा लग रहा है। अब सुधीर बोला कि अंजली जरा अपनी चूत दिखाओ ना और उसी समय वो आगे से अपनी फ्रॉक को उठाकर बोली कि देखिए ना। अब सुधीर बोला कि ऐसे नहीं। फिर वो पूछने लगी कि तो फिर कैसे? तब सुधीर बोला कि खड़ी हो जाओ।

अब अंजली उनकी गोद से खड़ी हो गई और उसने अपनी फ्रॉक को समेटकर अपने पेट पर चढ़ा लिया। अब सुधीर अंजली की बिना बालों वाली चूत को देखकर तड़प उठा और अपना एक हाथ आगे बढ़ाकर अंजली के कूल्हों को पकड़कर अपनी तरफ खीच लिया। अब अंजली की चूत सुधीर के मुँह के बिल्कुल पास थी, सुधीर कुछ देर तक अंजली की चूत को देखते रहे और उसकी चूत को चूमकर अपनी जीभ उसकी चूत की फाँक में चलाने लगे थे। अब अंजली अपनी चूत को सुधीर के मुँह पर दबा दबाकर रगड़ने लगी, सुधीर को कुँवारी चूत चाटने में बहुत मज़ा आ रहा था, एकदम गुलाबी और नरम चूत थी। फिर सुधीर ने उसकी चूत की फांको को अपने होंठो में ले लिया और ज़ोर-ज़ोर से चूसने लगे और उसकी गांड के छेद पर अपनी उंगलियाँ चलाने लगे थे। अब सुधीर की जीभ अंजली की चूत में जाते ही वो सिसक उठी थी। अब सुधीर अपनी जीभ की नोक को कभी घुसाते और कभी निकाल रहे थे। अब अंजली मस्ती में अपनी गांड को आगे पीछे करने लगी थी, सुधीर को अंजली की चूत का नमकीन पानी का स्वाद अच्छा लगा तो वो समझ गये कि अब वो झड़ने वाली है। फिर उन्होंने अपने दोनों हाथ आगे बढ़ाकर उसके दोनों बूब्स को पकड़कर मसलाना शुरू कर दिया।

अब सुधीर अंजली की चूत में अपनी आधी जीभ को डालकर घुमाने लगे और अंजली ने अपने दोनों को हाथों को नीचे ले जाकर सुधीर के सर को अपनी चूत पर दबा दिया। अब सुधीर समझ गया था कि अब वो झड़ने वाली है और अब वो और ज़ोर-ज़ोर से उसकी चूत को चूसने लगा था और अंजली आईईईइ ओह्ह्ह्ह अंकल मेरी चूत से कुछ निकल रहा है आहह्ह्ह्हह ऑश ऊऊईईईई करते हुए उसने अपनी चूत से ढेर सारा पानी बाहर निकाल दिया और वो उसके बाद शांत पड़ गई। अब सुधीर ने उसका पूरा रस चाट लिया और फिर अपने चेहरे पर लगे पानी को अपनी जीभ से चाटा और फिर अंजली की चूत का सारा पानी पीकर सुधीर ने पूछा कि कैसा लगा मेरी रानी? तब वो बोली कि अच्छा लगा, लेकिन अंकल आपने अपना पानी नहीं छोड़ा। अब सुधीर हंसते हुए बोला कि हाँ जानेमन में अभी छोड़ूँगा। फिर वो पूछने लगी कि कब? तब सुधीर बोला कि जब घर में कोई नहीं होगा और उसको पूछा क्या तुम मेरा लंड चुसोगी? वो तुरंत बोली कि हाँ मुझे बड़ा मज़ा आता है। तभी अंजली की भाभी प्रिया की आवाज आई अंजली-अंजली क्या करने लगी? जल्दी आओ, हमें जाना भी है।

अब सुधीर ने पूछा कि तुम सभी कहाँ जा रहे हो? तभी अंजली ने बताया कि में नहीं, भैया-भाभी और प्रदीप किसी काम से जा रहे है, में नहीं जा रही हूँ। तब सुधीर बोला कि फिर उनके जाने के बाद आ जाना उसके बाद हम दोनों मिलकर चुदाई करेंगे। अब अंजली बोली कि अच्छा और यह बात कहकर हंसती हुई अंजली ने अपने कपड़े ठीक किए और वो कमरे से बाहर चली गई। दोस्तों अब में आप सभी को अपनी अगली कहानी में आगे सुधीर ने अंजली को कैसे चोदा? और प्रिया को कैसे चोदा? और फिर मैंने सुधीर के साथ मिलकर सुधीर की पत्नी मधु को और अंजली की भाभी प्रिया को कैसे चोदा? यह सब जरुर बताऊँगा। दोस्तों में उम्मीद करता हूँ कि मेरा यह सेक्स अनुभव आप सभी को जरुर पसंद आया होगा ।।

धन्यवाद …

Comments are closed.

error: Content is protected !!

Online porn video at mobile phone


sex stories in audio in hindikutta hindi sex storybadi didi ka doodh piyasex new story in hindihindi sexy storeysex st hindinew hindi sexi storyhindi sexy storueshinde sexy storysex store hendifree hindi sex story audionew hindi sexy storywww sex storeynew sex kahaniall new sex stories in hindihindi sex story comlatest new hindi sexy storysex sex story in hindihindisex storiynanad ki chudaisex khaniya in hindi fontfree hindi sex story in hindifree hindi sex story audiohindi font sex kahanisex hindi new kahanisex store hendianter bhasna comsexy syoryhindi sexy istorihinde sexy storysexy stroinew hindi story sexyhindi sax storiyhindisex storeyhindi kahania sexhindi sax storiyhidi sax storysexy story com hindihidi sexi storysex story hindi indianhindisex storeysex hinde storesex kahani hindi mnew sexy kahani hindi mesex story in hidihindi kahania sexsex hindi stories comhindisex storeyhindi sexy storechudai story audio in hindisax stori hindeall sex story hindichudai story audio in hindisexy storiykamuktha comsex story of hindi languagesexy stiorysex stories for adults in hindisexi storeysex sexy kahanihindhi sexy kahanihindi sexy stores in hindimaa ke sath suhagrathindi story for sexsex hindi sex storyhindi sexy storyfree hindi sex kahanisexy story hindi comsex kahaniya in hindi fontnew hindi sexi storyhindi sexy kahani in hindi fonthindi sax storiystory in hindi for sexindian sexy story in hindihindi sex wwwhindi font sex kahanichut fadne ki kahaniwww hindi sex kahanisexi hindi kathanew sexy kahani hindi mesexy hindy storieswww sex story hindisex sexy kahanisex store hindi mesex khani audiohinde sexi kahanihindi story saxwww sex story in hindi comsexy story in hundisex stories in audio in hindihindi sexy stroeshinde sxe storigandi kahania in hindisexi hindi estorihindi sex historyhindi sexy storisesexi stories hindi